जूनी में 25 को आस्था की डुबकी लगाएंगे श्रद्धालु, सीएम साय होंगे शामिल

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रिपोर्टर रोशन यादव बेमेतरा छत्तीसगढ़

बेमेतरा:नवागढ़। छेरछेरा पुन्नी के शुभ अवसर पर जिले के नवागढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम ढनढनी स्थित जूनी सरोवर में आस्था एवं श्रद्धा की डुबकी लगाने 25 जनवरी को लोगों की भारी भीड़ उमड़ेगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी व ग्रामीण सिरकत करेंगे। मुख्य्मंत्री के दौरे के मद्देनजर तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी है। जूनी सरोवर पहुंचने वाले दूसरे मुख्यमंत्री होंगे विष्णुदेव साय। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह यहां पहुंच चुके हैं।

ज्ञात हो कि नवागढ़ संबलपुर मार्ग में कांपा नाला से महज 4 किलोमीटर दूर दक्षिण दिशा में ग्राम ढनढनी की बसाहट है। गांव से कुछ ही दूरी में एक सरोवर स्थित है जिसे क्षेत्र समेत पूरे प्रदेश में जूनी सरोवर के नाम से जाना जाता है। प्रतिवर्ष इस सरोवर के तट पर छेरछेरा पुन्नी के दिन विशाल मेला लगता है जिसमें शामिल होने प्रदेशभर के श्रद्धालु पहुंचते हैं।

इस स्थान से जुड़ी जनश्रुति के अनुसार-एक बार एक कुष्ठ रोगी राह से गुजरते हुये इस तालाब पर स्नान किया। दैवीय आशीर्वाद कहे या संयोग, उस व्यक्ति का कुष्ठ रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो गया । यह तब की बात है जब कुष्ठ एक असाध्य रोग हुआ करता था। इस चमत्कार से ही लोगों का ध्यान इस सरोवर की ओर गया । तब से लोग अपनी मनोकामना लेकर इस सरोवर पर स्नान करने लगे । ऐसी मान्यता है कि इस सरोवर में स्नान करने पर चर्मरोग निश्चित ही दूर हो जाता है।

 

जूनी सरोवर में मेले के आयोजन के लिये एक मेला समिति कार्यरत है । इस समिति द्वारा शिव जी एवं श्री कृष्ण जी का मंदिर भी इस स्थान पर बनवाया गया है। मेला स्थल पर सरोवर के उत्तर-पश्चिम में बूढ़ा महादेव का मंदिर है जिसके ऊपर दुर्गा माता का मंदिर है। बूढ़ा महादेव के पूर्व में काली मॉं व हनुमान जी का मंदिर हैं। बूढ़ा महादेव के पश्चिम में यज्ञ स्थल है। यज्ञ स्थल के दक्षिण में ज्योति कक्ष व मंच है। मंच के दक्षिण में राधा-कृष्ण, दक्षिण में मुख्य शिव जी, उसके दक्षिण में दुर्गा जी, उसके दक्षिण में एक मंच है। बूढ़ा महादेव के उत्तर में पीछे की ओर एक और दुर्गा माता है तथा उसके ऊपर में एक बड़ी दुर्गा माता है। दुर्गा माता के उत्तर में मंच व ज्योति कक्ष है। बूढ़ा महादेव के पश्चिम में शिव के दो मंदिर हैं।

14 एकड़ में फैला है परिसर
प्रतिवर्ष पौषपूर्णिमा के एक सप्ताह पूर्व से यहां धार्मिक आयोजन होने लगते हैं । जूनी मेला का परिसर 14 एकड़ में फैला हुआ है । इस परिसर पर मेला अवधी में विभिन्न व्यवसायिक प्रतिष्ठान एवं मनोरंजन केन्द्र सजा होता है । इस मेले में आस-पास के क्षेत्रवासीयों के साथ-साथ दूर-दूर के आस्थावान पर्यटक भी पहुॅचते हैं ।

 

निःसंतान दंपती कि पूरी होती है मनोकामना

स्थानीय युवा बुधराम साहू, राहुल साहू, झामसिंह रजक, भागिरती साहू, महेश यादव ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि यदि कोई निःसंतान दम्पती एक साथ इस सरोवर पर श्रद्धा पूर्वक स्नान करे तो इनके गोद अवश्य भर जातें हैं। इस मनोकामना के लिये निःसंतान दम्पती एक साथ हाथ में श्रीफल लेकर जूनी सरोवर में डूबकी लगाते हुये नारियल को सरोवर के अंदर किचड़ में यह कहते हुये गड़ा दिया जाता है कि माँ हमारी गोद भर दे । सच्ची आस्था होने पर निश्चित ही एक वर्ष के अंदर संतान सुख की प्राप्ती होती है ।

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